सिर्फ इशारे क्यों दिल भी दो ना

Spread the love

 

अब गरीबों से बात कौन करता है !
वो शाह लोग हैं.. मुलाकात कौन करता है !!

नजर की बात है तो फिर नजर ही रहने दो !
लबों को खोलने पे दुश्मनी बढ जाएगी !!

दिल के लहरों को हम अरसे से बाँध रक्खे हैं !
समंदर खुल गया तो अब तृष्णगी बढ जाएगी !!

तुम्हें जब बात करना आता है, तो मिल ही लो ना !
तब से बस तुम इशारे दे रहे अब दिल भी दो ना !!

मोहब्बत में तमाशा खूब करना ठीक है क्या,
जो रूठा हो नहीं उसको मनाना ठीक है क्या!

उसकी आँख में इक बूंद भी न छलके आँसू!
मेरी आँख में अब सूख गए हैं आँसू !!

इतना भी क्या कि उसी से बस शौक है मोहब्बत का !
हमको कहता है खुद-परस्त हो तुम…ये आँसू !!

*******

*खुद-परस्त- अभिमानी, अहंकारी

ब्रह्म मुहूर्त में जागते थे श्रीराम, जानें फायदे ( Brahma muhurta ke Fayde) , देखें यह वीडियो


हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Spread the love
READ  बारिश बंद हुए पांच दिन बीते, अब भी पानी-पानी है पटना
© Word To Word 2021 | Powered by Janta Web Solutions ®
%d bloggers like this: