भक्त प्रह्लाद की कहानी | होली की कथा

Spread the love

होली ( Holi ) एक ऐसा त्योहार है, जिसमें दुश्मन भी गले मिल जाते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि होली की शुरुआत कैसे हुई. दरअसल इसकी शुरुआत के पीछे एक बहुत बड़ी कथा है. भक्त प्रह्लाद ( Bhakt Prahlad ) की कथा. प्रह्लाद दैत्यराज हिरण्यकशिपु के बेटे थे. पर वह भगवान विष्णु ( Bhagwan Vishnu ) के बहुत बड़े भक्त थे, जबकि हिरण्यकशिपु विष्णु भगवान को अपना शत्रु मानता था. इसी कारण जब हिरण्यकशिपु ( Hiranyakashipu ) को प्रह्लाद की विष्णु भक्ति के बारे में पता चला तो उसने प्रह्लाद को समझाने का प्रयास किया. लेकिन जब प्रह्लाद की भक्ति कम नहीं हुई, तो दैत्यराज से प्रह्लाद को मारने का आदेश दिया. इसी क्रम में होलिका को प्रह्लाद को मारने के लिए कहा गया. मगर प्रह्लाद को मारने के चक्कर में होलिका ( Holika ) खुद ही जल कर भस्म हो गयी. देखिए प्रह्लाद की पूरी कथा इस वीडियो में.

ब्रह्म मुहूर्त में जागते थे श्रीराम, जानें फायदे ( Brahma muhurta ke Fayde) , देखें यह वीडियो


हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Spread the love
READ  होलिका दहन की पूजा करें इस मुहूर्त में मिलेगा लाभ
© Word To Word 2021 | Powered by Janta Web Solutions ®
%d bloggers like this: