कोयले से भी ज्यादा काला है यह ग्रह

Spread the love

साल 2014 में पृथ्वी से 470 प्रकाश वर्ष दूर एक ग्रह खोजा गया था. इसे WASP-104Bका नाम दिया गया था. यह अपनी सतह पर आने वाले प्रकाश का 97-99% हिस्सा एब्जॉर्ब कर लेता है. वैज्ञानिकों की माने तो यह ग्रह कोयले से भी ज्यादा काला है. इसलिए इस ग्रह को टॉप -3 डारकेस्ट प्लैनेट की श्रेणी में रखा गया है. यह इतना काला है कि इसे अब तक सही तरीके से देखा भी नहीं जा सका है. इसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए वैज्ञानिकों ने नासा के केप्लर स्पेस टेलिस्कोप के डाटा की मदद ली. WASP-104B टाइडली लॉक्ड ग्रहों की श्रेणी में आता है. इस ग्रह का एक हिस्सा तो हमेशा अपने सूरज को फेस करता है लेकिन दूसरा हिस्सा हमेशा अँधेरे और ठण्ड में डूबा रहता है. यह अब तक खोजे गए ग्रहों में सबसे कम रिफ्लेक्टिव सतह वाला ग्रह है. संभवतः इसके सूरज की तेज गर्मी ने इसके वायुमंडल में मौजूद परावर्तक गैसों को जला दिया है. फिलहाल इसके चारों तरफ सोडियम और पौटेशियम की परत होने का अंदेशा जताया जा रहा है जो प्रकाश को अपने अन्दर सोख लेने की क्षमता रखता है. यह ग्रह धरती से 470 प्रकाश वर्ष दूर एक येलो ड्वार्फ स्टार के चारों तरफ चक्कर लगा रहा है.

ब्रह्म मुहूर्त में जागते थे श्रीराम, जानें फायदे ( Brahma muhurta ke Fayde) , देखें यह वीडियो


हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।

Spread the love
READ  कुछ ही दिनों में पानी में समा जायेंगी ये जगहें
Do NOT follow this link or you will be banned from the site! © Word To Word 2019 | Powered by Janta Web Solutions ®
%d bloggers like this: