मदर्स डे हजारों साल पहले भी मनाया जाता था, जानिए कहां | Mothers Day 2020 | wordtoword.in

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क्या आप जानते हैं कि आज से हजारों साल पहले भी मदर्स डे ( Mothers Day ) मनाया जाता था. दरअसल वर्तमान में मदर्स डे ( Mothers Day ) हर साल मई के दूसरे रविवार ( second Sunday ) को मनाया जाता है. इस साल यह 10 मई ( 10 May ) को मनाया जायेगा. इसकी शुरुआत का श्रेय एना जार्विस ( Anna jarvis ) नाम की महिला को को जाता है, जिन्होंने सबसे पहले 1908 में इसे मनाया था. यह दिन मां के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन है. हालांकि इतिहासकार बताते हैं कि हजारों साल पहले भी इसे मनाया जाता था. हम आपको बताते हैं कि हजारों साल पहले इसे कहां मनाया जाता था.

प्राचीन ग्रीक सभ्यताओं में लोग हर साल बसंत के मौसम में उत्सव मनाते थे. यह उत्सव देवी रिया को समर्पित था. ग्रीक पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी रिया क्रोनस की पत्नी होने के साथ ही कई देवी देवताओं की मां भी थी. जिनके प्रति आभार जताने के लिए इस सालाना जलसे का आयोजन किया जाता था.

प्राचीन रोम में भी ऐसे ही एक सालाना जलसे का आयोजन होता था. जिसे हिलेरिया के नाम से जाना जाता था. हिलेरिया उत्सव साइबेले नाम की एक देवी के सम्मान में आयोजित किया जाता था, जिसे रोमन सभ्यता में लोग मां की तरह पूजते थे. साइबेले देवी ईसा से 250 साल पहले हुई थीं.
तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में तरह तरह के खेल, परेड और नाटक का आयोजन किया जाता था.

 

 

अगर भारत की बात करें तो यहां समूची प्रकृति को ही मां का दर्जा दिया गया है. हड़प्पा कालीन सभ्यताओं में लोग मातृदेवी और प्रकृति देवी की पूजा किया करते थे. यह परंपरा आज तक चली आ रही है. यहां की खुदाई में पुरोहित, बैल, नंदी, मातृदेवी, बैलगाड़ी और शिवलिंग की मूर्तियां मिली हैं. इसके अलावा एक शिव लिंग भी मिला है जो करीब पांच हजार साल पुराना है. शिव और पार्वती की पूजा प्राचीन भारत में लोग पुरुष और प्रकृति के रूप में करते आये हैं. सिंधु घाटी सभ्यता में जो मातृदेवी की मूर्ति मिली है उसमें देवी के पेट से पेड़ को निकलते हुए दर्शाया गया है.

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मदर्स डे का मॉडर्न रूप 1600 ईस्वी में इंग्लैंड में शुरू हुआ. यहां इसे ईस्टर के ठीक पहले वाले महीने में चौथे रविवार को मनाने की शुरुआत हुई थी. इस दिन परिवार के लोग माताओं के लिए अपना आभार जताते हुए उन्हें तरह तरह के उपहार देते थे. इसके साथ ही एक खास तरह का केक भी इस मौके पर बनाया जाता था जिसे सिमनेल कहा जाता था.

अमेरिका में मदर्स डे की मनाने की सलाह पहली बार 1872 में जूलिया वार्ड हॉवे ने दी थी. उन्होंने इसके लिए देश भर में कैम्पेन चलाये और सरकार से मदर्स डे की शुरुआत करने की मांग की. हालांकि जूलिया खुद कभी मां नहीं बनी.

आज मदर्स डे का जो रूप है उसकी शुरुआत का क्रेडिट अन्ना जार्विस को दिया जाता है. जार्विस की मां ने मदर्स फ्रेंडशिप डे की शुरुआत करने की कोशिश की थी. इस के जरिये वे अमेरिकी गृह युद्ध के बाद पैदा हुए हालातों से सभी औरतों को मिल जुलकर निपटने का संदेश देना चाहती थी. उनकी मौत के 2 साल बाद 1907 में अन्ना जार्विस ने बड़े पैमाने पर पूरे अमेरिका में कैम्पेन चलाये और सरकार से मदर्स के सम्मान में एक नैशनल हॉलिडे की मांग की. अपने प्रयास वो सफल भी हुई और 1914 में अमेरिकी सरकार ने मदर्स डे को नैशनल हॉलिडे के रूप में मान्यता दे दी.

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