अपनी आधी आबादी को क्यों कोरोनाग्रस्त करना चाहता है यह देश

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जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जद्दोजहद कर रही है, ऐसे में एक देश के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने सरकार को ऐसी सलाह दी जिसे सुनकर वहां के लोगों के होश उड़ गए.
सलाह यह थी कि इस देश की 60 प्रतिशत आबादी को कोरोना वायरस से संक्रमित कर दो. क्यों दी गयी यह सलाह जानिए उसकी पूरी वजह.

कौन है यह देश

इस देश का नाम है यूनाइटेड किंगडम. जिसके मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार हैं सर पैट्रिक वैलेंस. सर पैट्रिक वैलेंस ने ही यह हैरतअंगेज और डरावनी सलाह दी थी. लेकिन उनकी इस सलाह के पीछे एक बड़ी मेडिकल प्रक्रिया छिपी थी. इस प्रक्रिया को हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं.

क्या है हर्ड इम्यूनिटी?

हर्ड इम्यूनिटी लागू करने के लिए किसी देश की 60 फीसदी आबादी को वायरस से संक्रमित किया जाता है. इसके बाद जब वे इस बीमारी से इम्यून हो जाते हैं तब उनके शरीर से एंटीबॉडीज निकाल कर इस वायरस के लिए वैक्सीन तैयार कर लिया जाता है. फिर इसी वैक्सीन से बाकी लोगों का इलाज किया जाता है.

पूरी दुनिया में हर्ड इम्यूनिटी का सबसे बेहतरीन उदाहरण है पोलियो. दुनिया की लगभग पूरी आबादी पोलियो से इम्यून हो चुकी है. पोलियो को रोकने के लिए पूरी दुनिया में अभियान चला क्योंकि इसका वायरस 90 फीसदी आबादी को संक्रमित कर सकता था.

लेकिन यूनाइटेड किंगडम की सरकार देश की पूरी आबादी के किसी एक हिस्से को कोरोना से संक्रमित कर हर्ड इम्यूनिटी लागू नहीं करना चाहती थी. सरकार चाहती थी कि यह पूरे देश में लागू हो. ताकि, ज्यादा से ज्यादा आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इम्यून हो जाए.

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हर्ड इम्यूनिटी से किसे होगा फायदा

हर्ड इम्यूनिटी लागू होने के बाद पूरे देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कोरोना संक्रमण से मुक्त हो जाएगा. इससे वायरस के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी. इससे उन्हें फायदा होगा जो वायरस के हमले से अब तक बचे हुए हैं. बाद में अगर कोई वायरस से संक्रमित हो भी जाता है तो इम्यून हो चुके लोगों की एंटीबॉडीज से बनाई गई वैक्सीन से उनका इलाज आसानी से हो सकता है.

क्यों इतनी तेजी से लोग हो रहे हैं संक्रमित

वायरस तीन तरीके से बड़ी आबादी को संक्रमित करता है. पहला – वह समुदाय या समूह जो वायरस से इम्यून न हो यानी प्रतिरोधक क्षमता कम हो. दूसरा – ये हो सकता है कि कुछ लोग इम्यून हो लेकिन समुदाय में बाकी लोग इम्यून न हों. तीसरा – पूरे समुदाय को इम्यून कर दिया जाए ताकि जब वायरस फैलने की कोशिश करे तो वह इक्का-दुक्का लोगों को ही संक्रमित कर पाए.

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