कौन हैं वे ब्राजीलियन महिलाएं जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है

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इस साल के पद्म अवॉर्ड्स की घोषणा हो चुकी है. इस बार ब्राज़ील की दो महिलाओं को भी पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है. कौन हैं ये दो महिलाएं?

जिन दो महिलाओं को पद्मश्री के लिए चुना गया है उनके नाम ग्लोरिया अरियेरा और लिया डिस्किन है.

ग्लोरिया अरियेरा रियो डि जेनेरो में रहती हैं. ग्लोरिया ब्राजील के कई शहरों में घूम घूम कर वेदांत दर्शन और संस्कृत पढ़ाती हैं. वे 1974 में भारत आई थीं. यहां उन्होंने मुम्बई स्थित अर्श संदीपनी साधनालय में वेद की पढ़ाई की. ग्लोरिया चार साल भारत में रहीं. इस दौरान वे उत्तरकाशी और ऋषिकेश के आश्रमों में गईं, कोर्स करने और लेक्चर सुनने. 1979 में वापस ब्राजील लौट गईं.  अब वे वहां रियो डि जेनेरो में विद्या मंदिर नाम का NGO चलाती हैं. ग्लोरिया कई संस्कृत ग्रंथों का पुर्तगाली भाषा में अनुवाद भी कर चुकी हैं. ग्लोरिया ने 1984 में विद्या मंदिर शुरू किया था. इसके लिए ज़मीन उन्हीं के एक स्टूडेंट ने दान की थी.

पद्मश्री पाने वाली दूसरी ब्राजीलियाई महिला लिया डिस्किन हैं. लिया मूल रूप से अर्जेंटीना की हैं. लेकिन पिछले तीस साल से वे ब्राज़ील में रह रही हैं. महात्मा गांधी के दर्शन पर इनका अच्छा-खासा काम है. करीब चार दशक से वो महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को लोगों के बीच फैला रही हैं. एथिक्स और कल्चर पर उन्होंने कई किताबें लिखी हैं. महात्मा गांधी की जीवनी- ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ को उन्होंने पुर्तगाली में ट्रांसलेट किया है और वो किताब अब अपने आठवें संस्करण में है. लिया को समाज के लिए की गई उनकी सेवा के कारण पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. लिया एथिक्स, कल्चर, एजुकेशन जैसे विषयों पर लिखती हैं, और उससे जुड़े मुद्दों पर काम करती हैं.

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इस साल भारत सरकार ने कुल 141 पद्म सम्मानों का ऐलान किया है. इनमें सात पद्म विभूषण, 16 पद्म भूषण और 118 पद्मश्री अवॉर्ड्स शामिल हैं. इस बार कुल 33 महिलाओं को पद्म पुरस्कार दिये जाएंगे. वहीं, 12 अवॉर्डी ऐसे हैं जो फॉरेनर्स कैटेगरी में आते हैं.

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