पानी के अन्दर से गायब हुई पूरी ऑब्जरवेटरी, वैज्ञानिक नहीं पता लगा सके कोई कारण

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क्या कभी ऐसा हो सकता है रातों रात आपका एक पूरा का पूरा ठिकाना ही गायब हो जाए? वो भी ऐसे कि उसके गायब होने का कोई सबूत ही ना मिले. कुछ ऐसा ही हुआ है बाल्टिक सागर में. जहाँ पानी के अन्दर बनी हुई ऑब्जरवेटरी गायब हो गयी है, और वैज्ञानिकों के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि ऐसा आखिर हुआ कैसे. इस लैब के साथ ही बाल्टिक सागर के बारे में रिसर्च कर निकाले गए कीमती डाटा भी गायब हो चुके हैं. यह घटना अगस्त की ही है. एक रात अचानक पानी के अन्दर लगे सेन्सर्स से डाटा का ट्रांसमिशन बंद हो गया. गड़बड़ी का पता लगाने के लिए गोताखोरों की एक टीम को पानी के अन्दर भेजा गया. लेकिन वहां उन्हें ध्वस्त केबल के अलावा और कुछ भी देखने को नहीं मिला.

इस ऑब्जरवेटरी को 2016 में बाल्टिक सागर में मौजूद कील की खाड़ी में स्थापित किया गया था. इसमें 2 विशाल डेस्क साइज के रैक थे. इनमें से एक पावर सोर्स की तरह काम करता था जो तट से एक केबल के द्वारा जुड़ा हुआ था. वहीं दूसरे रैक में एक सेंसर था जो डाटा का कलेक्शन कर उसे वैज्ञानिकों के पास पहुंचाता था. इन दोनों का ही अब कहीं कोई पता नहीं है.

इस ऑब्जरवेटरी की कीमत तकरीबन 3 लाख 30 हजार डॉलर थी. लेकिन इसने जो डाटा अब तक कलेक्ट किया था वह वैज्ञानिकों के लिए अनमोल थे. यह समुद्र के खारापन, पानी में मौजूद मीथेन की मात्रा, ऑक्सीजन, कार्बन डाईऑक्साइड और तापमान पर लगातार नजर बनाये हुए था. वैज्ञानिकों का मानना है ऑब्जरवेटरी के गायब होने के कई कारण हो सकते हैं. यह किसी तूफ़ान या शक्तिशाली समुद्री लहर के कारण भी गायब हो सकता है या फिर संभव है किसी समुद्री जीव ने उसे वहां से हटा दिया हो. लेकिन इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यह किसी इंसान का काम हो. तो इसे देखते हुए पुलिस को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है.

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