सावन के महीने में किया गया यह काम दिलाएगा पितृदोष से मुक्ति

Spread the love

सावन में भगवान शिव भक्तों के बिगड़े काम बना देते हैं। सावन में पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। दरअसल हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में दूसरे, चौथे, पांचवें, सातवें, नौवें, दसवें भाव में सूर्य राहु या सूर्य शनि की युति स्थित हो तो यह पितृदोष माना जाता है। पितृदोष से मुक्ति के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। पितृदोष से मुक्ति के उपाय –

यदि आप पितृदोष को खत्म करना चाहते हैं तो हर अमावस्या को अपने पूर्वजों और पितरों के नाम से जितना हो सके लोगों को दान करें। इसमें दवा, वस्त्र या भोजन का दान किया जा सकता है।

हर गुरुवार और शनिवार की शाम पीपल की जड़ में जल अर्पण करें और इसके साथ ही 7 बार परिक्रमा लगाएं।

रविवार के दिन सुबह के समय भगवान सूर्यनारायण को तांबे के लोटे में गुड़, लाल फूल, रोली आदि डालकर जल चढ़ाना शुरू करें।

अपने माता-पिता और उनके समान बुजुर्ग व्यक्तियों को चरण स्पर्श करें। उनसे आशीर्वाद लें।  

बता दें कि पितृदोष की वजह से लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति हमेशा मानसिक रूप से परेशानी रहता है। इसके साथ-साथ पारिवारिक संतुलन भी नहीं बैठ पाता है। बहुत ज्यादा पैसा कमाने के बाद भी घर में सुख और शांति नहीं आते हैं। जब पितृदोष होता है तब स्वयं निर्णय लेने में बहुत परेशानी होती है। कई बार लोगों की सलाह लेने की जरूरत पड़ जाती है। 

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

Spread the love
READ  हनुमान जयन्ती पर इन विशेष उपायों से काटेंगे सब संकट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© Word To Word 2019 | Powered by Janta Web Solutions ®