बच्चों की अपनी भाषा में कहानियों के जरिये जटिल विषयों की पढाई, 23 लाख लोग पढ़ चुके हैं

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बच्चों को अपनी ही भाषा में दुनियाभर की कहानियां मिल जाएं, तो कैसा होगा? 150 देशों के करीब 10 लाख बच्चों तक अंग्रेजी, हिंदी के अलावा कोरा, संताली और गोंडी जैसी 185 भाषाओं में 14227 कहानियां पहुंच चुकी हैं। ये कहानियां 23 लाख बार पढ़ी जा चुकी हैं। वो भी बच्चों के मनपंसद डिजिटल फॉर्मेट में।

यह शुरुआत 3 साल पहले स्टोरीवीवर ने की थी। इससे पहले यह बस एक सोच थी। फिर गूगल इम्पैक्ट चैलेंज में यह विचार रनरअप रहा। पुरस्कार में 1.5 करोड़ रु. मिले। इस पैसे से यह प्रोजेक्ट शुरू हो गया।अब ओडिशा, बंगाल समेत कई राज्यों के स्कूलों में ये कहानियां पढ़ाई जा रही हैं।

कहानियों के साथ इलेस्ट्रेशन जोड़े

विज्ञान, इंजीनियरिंग जैसे विषय कहानियों के जरिए रोचक तरीके से पढ़ाए जा रहे हैं। जात-पात और लड़के-लड़की का भेद खत्म करने के लिए भी प्रेरक कहानियां बन रही हैं। मसलन, एक कहानी है- हवाई जहाज कैसे उड़ते हैं। इसमें सरला नाम की लड़की हवाई जहाज से काफी रोमांचित है और वो पायलट बनना चाहती है। जब बच्चों के बीच इसी कहानी को परखा गया, तो देखा गया कि बच्चों में बदलाव आया है। जो बच्चे पहले यह समझते थे कि लड़कियां हवाई जहाज नहीं उड़ा सकतीं। वे अब मानने लगे कि लड़कियां हर वो काम कर सकती हैं, जो लड़के कर सकते हैं। स्टोरीवीवर ने कहानियों के साथ इलेस्ट्रेशन जोड़े हैं, ताकि बच्चों की रुचि बनी रहे। सारा कंटेंट फ्री है। डाउनलोड करने के साथ ही इन कहानियों को सुना भी जा सकता है।

बच्चों के लिए 10 हजार चित्र, जिन्हें देख वे कहानी बना सकें

स्टोरीवीवर पर बच्चों के लिए 10 हजार से अधिक चित्र उपलब्ध हैं, जिन्हें देखकर वे अपनी कल्पनाशीलता से नई कहानियां भी गढ़ सकते हैं। कहानियों को मनचाही भाषा में ट्रांसलेट भी कर सकते हैं।

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