क्यों मनाई जायेगी इस साल 15 जनवरी को मकर संक्रांति

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इस साल 14 जनवरी नहीं बल्कि, 15 जनवरी को मकर(तिल) संक्रांति मनायी जायेगी। शुक्ल पक्ष नवमी मंगलवार को भगवान भास्कर की राशि परिवर्तन होगा और वे धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। नए वर्ष में सोमवार 14 जनवरी की मध्य रात्रि में सूर्य का मकर में संक्रमण होगा जबकि मंगलवार 15 जनवरी को 12 बजे से पुण्यकाल है। इसलिए मंगलवार की सुबह से ही संक्रांति स्नान, दान शुरू हो जायेगा। बनारसी पंचांगों के हवाले से बताया गया है कि 14 जनवरी की रात मध्य रात्रि के बाद सूर्य का संक्रमण होने से मंगलवार को ही मकर संक्रांति मनाना शास्त्र सम्मत है। इसके पूर्व में भी 12 और 13 जनवरी को मकर संक्रांति मनायी जाती रही है। स्वामी विवेकानंद के जन्म पर 12 जनवरी को मकर संक्रांति मनी थी। आने वाले 70 वर्षों में 16-17 जनवरी को भी मकर संक्रांति होगी।
14 जनवरी को शाम 7:53 बजे सूर्य देव धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि सूर्य का राशि परिवर्तन सूर्यास्त के बाद होगा, इसके चलते पुण्यकाल और मकर संक्रांति के तहत 15 जनवरी को दान पुण्य का दौर होगा। मकर संक्रांति के साथ ही सूर्य दक्षिमायण से उत्तरायण हो जाएंगे।

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