सिर्फ नाक के मेकअप में लगते हैं 3 घंटे, ऐसा है गुलाबो सिताबो में अमिताभ का किरदार

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फिल्म गुलाबो सिताबो के लिए जब से अमिताभ के लुक की तस्वीर सामने आई है, तबसे फैन्स जानना चाहते हैं कि उनका किरदार कैसा होगा। दरअसल, इस फिल्म में वे लखनऊ के टिपिकल सुन्नी मुसलमान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके मिर्जा साहब वाले लुक के लिए अमेरिका से एक महिला प्रोस्थेटिक विशेषज्ञ को बुलवाया गया है। चश्मा, माथे की सलवटें, नाक, दाढ़ी-मूंछें और आईब्रो पर काफी काम किया गया।

हाल ही में जब बिग बी अपने इस लुक के साथ लखनऊ की तंग गलियों में घूमे तो उन्हें कोई नहीं पहचान पाया था। वह केसरबाग, बारादरी जैसे इलाकों में रिक्शा में बैठे, लोकल लोगों से बात की, पर कोई उन्हें नहीं पहचान पाया था।

अमेरिकी विशेषज्ञ रोजाना घंटों मेहनत करती है। उनकी नकली नाक के प्रॉस्थेटिक वर्क में ही रोजाना कुल तीन घंटे लगते हैं। इसके लिए उन्हें रोजाना डेढ़ लाख रुपए का भुगतान किया जाता है। मिर्जा साहब वाले इस लुक के लिए पहले कई तरह के चेहरों को टेस्ट किया गया। तब जाकर यह लुक फाइनल किया गया। पूरी फिल्म में अमिताभ झुकी हुई कमर में नजर आएंगे।

हर चीज का ध्यान रखा गया है

चश्मा: खासतौर पर ऐसा चश्मा यूज किया जा रहा है, जिसमें मिर्जा साहब की आंखें सामान्य से ज्यादा बड़ी दिखें।

माथे की सलवटें: फोम लेटेक्स और सिलिकॉन की मदद से उनके फोरहैड पर बुजुर्गों वाला रिंकल टेक्स्चर दिया है।

नाक: उनकी मोटी-लंबी नाक उनके लुक का सबसे खास एलीमेंट है। स्कल्पचिंग, मॉडलिंग और कास्टिंग से उनकी इस नाक का प्रोस्थेटिक शेप तैयार हुआ है। बाद में प्रोस्थेटिक एलीमेंट जिप्सम, लेटेक्स और जिलेटिन आदि के साथ लेयरिंग कर इसे चेहरे पर सेट किया जाता है।

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दाढ़ी-मूंछें व आईब्रो: ग्लूफाउंडेशन से दाढ़ी-मूंछों के स्किन पैच तैयार किए। इस पर एक बुजुर्ग की तरह ही छितरे वालों वाली दाढ़ी के हेयर पैच एडहेसिव से एप्लाई किए गए।

लुक पर वर्क कर रहीं अमेरिकी आर्टिस्ट पहले भी कई बड़े प्रोजेक्ट कर चुकी हैं। फिल्म से जुड़े लोग इस टीम के नाम का खुलासा नहीं कर रहे हैं।

सेट पर अमिताभ के पर्सनल मेकअप मैन दीपक सावंत भी मौजूद रहते हैं। हालांकि, प्रोस्थेटिक का पूरा काम अमेरिकी एक्सपर्ट से ही करवाया जा रहा है।

ऐसा है अमिताभ का कैरेक्टर

जिंदगी:

मिर्जा साहब की लखनऊ में बड़ी सी हवेली है। उसमें ढेर सारे किराएदार रहते हैं। उनके लिए वह मिनी फैमिली और छोटी सी दुनिया है। इन्हीं किराएदारों में आयुष्मान भी हैं।

भाषा

अग्निपथ की तरह इस फिल्म के लिए भी बदलेंगे एक्सेंट। नवाबों वाली उर्दू के अल्फाज संवादों में शामिल करेंगे। लहजा पकड़ने के लिए लोकल विशेषज्ञों की मदद लेंगे।

ड्रेस और अटायर

पांरपरिक मुस्लिमों के पहनावे में दिखेंगे।

पूरी फिल्म में सफेद कुर्ते में ही दिखेंगे।

ट्रेडिशनल मुस्लिम जैसा दिखाने ऊंचा उठा हुआ पायजामा पहनेंगे।

उनके सिर पर मफलर और टोपी उनके लुक को और डिटेलिंग देते हैं।

व्यक्तित्व

मिर्जा साहब उसूलपसंद मुसलमान है।

खुद से ज्यादा दूसरों की परेशानियां सुलझाते नजर आते हैं।

असल उम्र से पहले ही कुछ ज्यादा बुजुर्ग हो चुके हैं।

धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले पारंपरिक सुन्नी मुसलमान हैं।

पांच वक्त की नमाज के नियम का पालन करते हैं।

बॉडी लैंग्वेज

कमर झुकी हुई रहेगी।

थोड़ा गुस्सैल से नजर आएंगे।

हर चीज को गौर से ताकती दिखेंगी आंखें।

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मिर्जा साहब के इस लुक का विजन राइटर जूही चतुर्वेदी का था। जूही ने आर्ट डायरेक्शन और कॉस्ट्यूम टीम को लुक का खाका समझाया था। उस आधार पर स्केच बनाकर दर्जनों लुक तय किए गए। मगर आखिर में टीम इस लुक पर सहमत हुई। जूही के विजन के तहत मिर्जा साहब ऐसे लगने चाहिए थे, जो ऊपर से काइंया दिखें, पर सीने में गहरे राज दफन किए हुए भी लगें।

पहले भी कर चुके हैं ऐसे रोल

इससे पहले ईमान धरम, कुली, खुदा गवाह में बने थे मुस्लिम कैरेक्टर। सौदागर में बने थे बंगाली मुसलमान।

पा फिल्म में भी हैवी प्रोस्थेटिक मेकअप करा चुके हैं।

 

 

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