कुछ ऐसे आई थी दुनिया में प्रकाश की पहली किरण

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अनंत विस्तार वाले ब्रह्मांड में आज भी ऐसे कोने हैं, जहां प्रकाश मौजूद नहीं है. ऐसे कोने की पहचान कर वैज्ञानिकों ने अरबों साल पहले ब्रह्मांड में धधके पहले प्रकाश पुंज का पता लगाया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि 13.7 अरब साल बिग बैंग से ब्रह्मांड का जन्म और विस्तार हुआ. बिग बैंग से अथाह ऊर्जा निकली. विकिरण और वेग के कारण अतिसूक्ष्म कण काफी दूर दूर तक फैल गए. लेकिन अंधकार होने की वजह से वे कण बहुत ही जल्द ठंडे पड़ गए.
बिग बैंग के दौरान कोई प्रकाश मौजूद नहीं था. ब्रह्मांड अति सूक्ष्म कणों से भर गया. पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में रेडियो एंटीना की मदद से अब वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड की पहली भोर का पता लगाया है.


वैज्ञानिकों का दावा है कि बिग बैंग के 18 करोड़ साल बाद ब्रह्मांड में पहली बार प्रकाश चमका. इससे पहले ब्रह्मांड में सिर्फ गैसें ही मौजूद थीं. इस काल को ब्रह्मांड का “डार्क एज” भी कहा जाता है.
गैसों के अंबार के बीच एक तारे का जन्म हुआ और सबसे पहले उसी ने प्रकाश छोड़ा. उस प्रकाश का ब्रह्मांड पर बड़ा असर हुआ. रोशनी और तापमान के संपर्क में आते ही कई नए तत्व जन्म लेने लगे. इसी प्रक्रिया के चलते ग्रहों का भी निर्माण हुआ. ऑस्ट्रेलिया की मर्चिसन रेडियो-एस्ट्रोनॉमी ऑब्जरवेटरी के मुताबिक उस पहले प्रकाश की रेडियो आवृत्ति करीब 78 मेगाहर्ट्ज थी. इसी फ्रीक्वेंसी से यह प्रकाश आज भी ब्रह्मांड में यात्रा कर रहा है.

विज्ञान जगत की पत्रिका नेचर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मांड में मौजूद कई तारों के बीच आज भी अंधकार है. पहला प्रकाश ऐसे कोनों तक पहुंचकर उन्हें रोशन कर रहा है. वैज्ञानिक समुदाय के मुताबिक इस जानकारी से ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में नया दृष्टिकोण मिलेगा.

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